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पीएम आवास योजना- ग्रामीणों ने लगाए सरपंच-सचिव पर गड़बड़ी और भेदभाव के आरोप

reporter 2019-10-05 331
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  • kissaago
    • कलेक्टर कार्यालय में ग्राम चर नाल निवासी।

    सीहेार। हालही में जारी रैकिंग में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में जिला सीहोर ने अव्वल स्थान हासिल किया। प्रशासन के दावा पर उंगलिया भी उठने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है योजना के क्रियान्वयन में भेदभाव हो रहा है। राजनीतिक रसूखदार और कर्मचारियों की साठगांठ से अपात्रों को भी योजना का लाभ मिल रहा है जबकि गरीब पात्र हितग्राही जो कच्चे मकानों में निवास करने को मजबूर है योजना से वंचित रह गए हैं।
    शुक्रवार को सीहोर जनपद पंचायत के तहत आने वाले ग्राम चारनल और मगरदा के ग्रामीण ने कलेक्टर के नाम एक शिकायती आवेदन सौंपकर जांच की मांग उठाई। ग्रामीणों के आरोपों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

    राजनीतिक मतभेद, किया सूची से बाहर
    जनपद पंचायत सीहोर अंतर्गत ग्राम पंचायत चरनाल के ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर ग्रामीण पीएम आवास वितरण में भेदभाव बरतने का गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर पंचायत क्षेत्र में हुए शासकीय निर्माण कार्यो की जांच कराने और दोषियों को सजा देने की मांग की। ग्रामीणों ने डिप्टी कलेक्टर को शिकायती आवेदन सौंपा।
    ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए शिकायती पत्र में बताया की सरपंच और सचिव के द्वारा अपात्र हितग्राहियों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया है। वर्ष 2011 की आर्थिक जातिगत जनगणना के आधार पर कुल 56 व्यक्तियों को लाभ दिया गया है जबकी सूची में 240 हितग्राहियों को शामिल किया गया था। जबकी सभी की आर्थिक स्थिति एक जैसी है। बाबजूद इसके सचिव सरपंच के द्वारा राजनैतिक मतभेद के चलते पात्र हितग्राहियों को पोर्टल पर अपात्र घोषित कर दिया गया। जिस कारण गरीब पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ नही मिल पा रहा है । चारनल निवासी राहुल गौर, लीला किशन, श्रीकिशन, जगन्नाथ, कमल सिंह, इस्माईल खां, प्यारे खां, कैलाश, सलीम, दीपक इस्माईल खान इमरान खां, आसिफ खां ने पात्र लोगों का सर्वे करा कर पीएम आवास योजना का लाभ देने की मांग की गई है।
    जातिगत भेदभाव का लगा आरोप
    इसी प्रकार ग्राम मगरदा के दर्जनों दलित परिवार के महिला पुरुषों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपा। जिनका आरोप है कि दलित होने के कारण उनसे भेदभाव हो रहा है गांव में अन्य जाति के अपात्र लोगो को भी आवास योजना का लाभ मिल गया लेकिन उन्हें योजना का लाभ नही मिला।
    ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जमीन जायजाद और संपन्न लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सरपंच और सचिव के द्वारा दिलाया गया। लेकिन गरीब दलित कच्चे झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। जब इस सम्बंध में मदरदा के सह सचिव से बात की गई तो उनका कहना है कि योजना में किसी प्रकार का भेदभाव नही बरता गया है। पात्र हितग्राहियों को ही लाभ मिलता है चाहे वह किसी भी जाति का हो। आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 सूची में नाम ना होने पर कई परिवारों लाभ नही मिल पाया है। .

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