Breaking News

इंटरव्यू में पास होने वाला छात्र नेता

reporter 2020-01-19 621
  • share on whatsapp Buffer
  • kissaago
    • देवेंद्र ठाकुर, एनएसयूआई अध्यक्ष सीहोर।

    सीहोर। परीक्षा और साक्षात्कार का नाम सुनते ही बड़े बड़ो के पसीने छूटने लगते हैं। सामान्य या फिर प्रतिभावान छात्र या नोकरीपेशा व्यक्ति भी परीक्षा का नाम सुनकर ही सोच में पड़ता है। राजनीति में तो यह शब्द विरले ही सुनाई पड़ते हैं, चुनावी मौसम में टिकिट या फिर बड़ा पद आलाकमान के नजदीकी आसानी से पा लेते हैं। यहाँ भी योग्य व्यक्ति मन मसोसकर रह जाता है। किसी राजनीतिक पद के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजरना पड़े।
    शायद यह बात सुनकर आपको बड़ा ही अजीब लगे। कांग्रेस की स्टूडेंट बिंग भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(NSUI) में जिला अध्यक्ष पद के लिए इंटरव्यू आयोजित किया गया। ऐसा सभी जिलों में नही सिर्फ सीहोर जिला अध्यक्ष पद के लिए हुआ। दरअसल यहाँ से एनएसयूआई के दो छात्र नेताओं ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की। दोनो और से लॉबिंग मजबूत थी। इस पशोपेश की स्थिति में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस पद के लिए इंटरव्यू लिया जाएगा। जो भी साक्षात्कार में पास होगा उसे ही अध्यक्ष बनाया जाएगा।
    बताया जा रहा है दो लोगों की कमेटी ने यह साक्षात्कार लिया, जिसमें एक कांग्रेस नेता और एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता शामिल थे।
    कांग्रेस की विचारधारा क्या है, गांधी का ग्राम स्वराज्य, नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी जैसे समसामयिक मुद्दों पर दावेदारों की राय जानी गई।

    16 जनवरी को एनएसयूआई सीहोर जिला अध्यक्ष की घोषणा हुई। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले देवेंद्र सिंह ठाकुर को एनएसयूआई के सीहोर जिले अध्यक्ष बनाया गया। देवेंद्र इछवार तहसील के छोटे से गांव बोरदी कला के रहने वाले हैं। जिनके पिता एक मध्यवर्गीय किसान हैं। देवेंद्र लम्बे समय से सीहोर में रेंट पर कमरा लेकर रहते हैं और करीब 10 वर्ष से एनएसयूआई से जुड़े हुए हैं। संगठन में उनकी पहचान एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में है। जो हर छात्र से सीधे संवाद करने में विश्वास करते हैं। देवेंद्र अनेकों छात्र आंदोलनों में शामिल रहे और नेतृत्व भी किया। वह कला और विधि संकाय में स्नातक है और वर्तमान में राजनीति शास्त्र से स्नातकोत्तर कर रहे हैं। एनएसयूआई में वह जिला महासचिव और प्रदेश सचिव जैसे पदों पर रहे हैं।
    सीहोर मुख्यालय पर एक समय विधि

    महाविद्यालय संचालित हुआ करता था। जो आसपास के जिलों में अपनी अलग पहचान रखता था। प्रोफेसर और संसाधनों के आभाव के चलते यह संस्थान बन्द कर दिया गया।
    विधि महाविद्यालय को पुनः शुरू करवाना देवेंद्र की पहली प्राथमिकता है। पुस्तकालय में साल भर प्रतियोगिता परीक्षाओ की तैयारी हेतु योग्य शिक्षको द्वारा छात्रों को निशुल्क अध्ययन कराया जाए ऐसा वह सोचते हैं। उनका कहना है कि एक आधुनिक सर्व सुविधायुक्त पुस्तकालय की मांग वह सरकार के समक्ष जल्द रखेंगे। .

    Similar Post You May Like