Breaking News

प्रसूता की मौत का मामला-जांच दल ने लिए 12 नर्सों के बयान, महिला डाक्टर नदारद

reporter 2018-07-12 664
  • share on whatsapp Buffer
  • kissaago

    सीहोर। जिला अस्पताल में 4 जुलाई को प्रसव के उपरांत प्रसूता भावना पचौरी की मौत हो गई थी जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था। परिजनों ने प्रसूता की मौत का जिम्मेदार महिला चिकित्सक अमिता श्रीवास्तव को ठहराया था और मामले में परिजनों व समाजसेवी संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की उठाई थी। प्रसूता भावना पचौरी की मौत की जांच करने तीन सदस्यीय संभागीय दल गठित किया गया था। यह दल गुरुवार सीहोर जिला अस्पताल पहुंचा जहां घटना वाले दिन डयूटी पर मौजूद स्टाफ व नर्सों के साथ ही मृतिका के परिजनों के बयान भी लिए गए। लेकिन जांच के दौरान देखने में यह आया कि महिला चिकित्सक जिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और हटाने की मांग की जा रही है दल के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुई।
    ज्ञात हो कि जिला चिकित्सालय सीहोर में प्रसूती के उपरांत ग्राम सेमली निवासी श्रीमती भावना पत्नि अजय पचौरी की मौत हो गई थी। मामले में मृतिका के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि महिला चिकित्सक अमिता श्रीवास्तव की लापरवाही के कारण प्रसूता की मौत हुई। महिला डाक्टर ने तीन हजार रुपए लेकर सरकारी अस्पताल में आपरेशन किया और उसके कुछ घंटे बाद ही भावना को घबराहट होने लगी परिजन महिला चिकित्सक को लेने घर पहुंचे और लाख मिन्नतों के बाद भी वह मरीज को देखने नहीं पहुंची। जिसके कारण तड़प तड़प कर प्रसूता भावना पचौरी की जिला अस्पताल में मौत हो गई। मामले में क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल संभाग भोपाल ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया है। जांच दल में शामिल स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ कीर्ति डाले, उप संचालक कार्यालय क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ सुरेश कुमार विकरोल, आरएमएनसीएचए संभागीय समन्वयक कार्यालय क्षेत्रीय संचालक भोपाल डॉ रजी फराज ने घटना के वक्त ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर और नर्स के कथन लिए। घटना वाले दिन 4 जुलाई सुबह, दोपहर और शाम और 3 जुलाई की रात को ड्यूटी पर मौजूद नर्स के कथन भी लिए गए। महिला चिकित्सक जो उक्त समय ड्यूटी पर उपस्थित थी सुनीता बरुआ और सुनीता परमार के साथ ही वार्ड प्रभारी विमला यादव,आरती साहू, इसरत खान, श्रीमति स्वीटी मसीह,कीर्ति साहू, निधि विश्वकर्मा, शोभना मसीह, मनीषा सोमकुवंर, कविता पवार, स्वेता शर्मा नर्स ने संभागीय दल के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने बयान दिए वहीं दूसरी और महिला चिकित्सक अमिता श्रीवास्तव जिन्होंने प्रसूता भावना पचौरी का आपरेशन किया था और परिजनों जिसे पूरे मामले में दोषी ठहरा रहे हैं जांच दल के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुई। वहीं दल की सदस्य डा कीर्ति ने बताया कि महिला चिकित्सक अवकाश पर हैं। श्री मति डाले ने बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। डयूटी पर उपस्थित स्टाफ के बयान लिए गए हैं। किन परिस्थितियों में प्रसूता की मौत हुई, क्या कारण रहे और यदि कोई लापरवाही हुई है तो कैसे सुधार किया जा सकता है विचार किया जाएगा। मातृ मृत्यु दर कम करना हमारा जिम्मेदारी है। रिपोर्ट व बयान का अध्ययन कर किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। .

    Similar Post You May Like