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अन्य राज्यों में फंसे 2 हजार मजदूरों की घर वापसी की तैयारी में जुटा प्रशासन

reporter 2020-04-28 369
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  • kissaago
    • स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्यकर्मी।

    सीहोर। लॉक डाउन में अन्यत्र फंसे मजदूरों की घर वापसी की उम्मीद अब एक माह बाद जागी है।
    मजदूर अपने घरों से दूर अन्य राज्यों और जिलों में फंसे हुए हैं। इस समय जिले में अन्य राज्य उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के करीब एक हजार से अधिक मजदूर फंसे हुए हैं। यह मजदूर निर्माण और उत्खनन कार्यों के लिए अन्य राज्यों से आए जो लॉक डाउन में फंस कर रह गए। कुछ इस प्रकार ही सीहोर जिले के करीब 2000 मजदूर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं।
    जिनकी घर वापसी में जिला प्रशासन जुटा हुआ है। जिला पंचायत सीईओ अरूण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि अन्य राज्य सरकारों से समंवय बनाकर लोगों को बसों के माध्यम से बार्डर पर छोडा जाएगा और उस राज्य से सीहोर जिले के फंसे लोगों को लाया जाएगा। यह काम सोमवार से शुरू हो गया है। इस समय जिले में करीब 300 राजस्थान और 600 उत्तरप्रदेश के मजदूर फंसे हुए हैं। जिले में अन्य जिलों और राज्यों के करीब 1000 लोग फंसे हुए हैं, जिनकी मेपिंग जारी है। ईपास के माध्यम से भी अनुमति प्रदान की जा रही है।
    लॉक डाउन में अन्य जिलों और दूसरे राज्यों के फंसे हुए मजदूरो को घर वापस भेजने के लिए बस सेवा शुरू हो गई है। दूसरे राज्यों की सरकारों से समंवय बनाकर मजदूरों को बसों में भेजा जा रहा है तो वहीं अन्य राज्यों में फंसे सीहोर जिले के मजदूरों को यहां लाने की तैयारियों में जिला प्रशासन जुटा हुआ है। सोमवार को प्रवासी मजदूरों को लेकर दो बसें गुजरात बाडर्र तो वहीं चार बसें गुना राजस्थान बार्डर रवाना की गई। बसों के माध्यम से 100 से अधिक मजदूरों को अपनें घरों तक सही सलामत पहुंचाया गया।
    जिला परिवहन अधिकारी अनुराग शुक्ला ने बताया कि जल्द ही

    उत्तरप्रदेश के मजदूरों को लेकर बसें रवाना होंगी। मजदूरों की मेपिंग का कार्य जारी है। मुख्यमंत्री प्रवासी मजदूर सहायता योजना के तहत अन्य जिला व राज्यों में फंसे मजूदरों को बसों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है।

    कोई भी व्यक्ति जो कहीं फंस गया हो वह स्टेट हेल्पलाईन नंबर 104,181 पर कॉल करके अपना नाम, पता दर्ज करा सकता है।
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