Breaking News

एक युवा की कविता जो बदलाव चाहता है-भारत की आजादी का ऐलान यहां मैं करता हूं

reporter 2018-09-19 544
  • share on whatsapp Buffer
  • kissaago
    • उमेश पंसारी- एक युवा

    एमपी डेस्क। युवा हर देश का भविष्य होता है। भारत युवाओं का देश है। देश की बडी आबादी इस समय युवा है। युवा यानि कि जोश, जुनून और बदलाव की सोच। इतिहास गवाह है जहां भी क्रांति का जब जिक्र होगा तो युवाओं की बात पहले होगी। चाहे टर्की में तानाशाह सुल्तान के खिलाफ युवा तुर्क आंदोलन या फिर रूसी क्रांति या फिर भारत का जेपी आंदोलन युवाओं की बडी भूमिका रही है। बदलाव का माददा रखने वाला युवा आज अपने देश को किस प्रकार देखता है। क्या सोच रखता है। राजनीति, समाज,धर्म और रोजगार इन सबके बीच युवा खुद को कहां पाता है और अपने लिए क्या चाहता है। साथियों वर्तमान परिदृश्य में को लेकर एक युवा जो मध्यप्रदेश के जिला सीहोर के रहने वाले हैं उमेश पंसारी की कविता किस्सागो आपके साथ साझा कर रहा है।

    --- भारत की आज़ादी का ऐलान यहाँ मैं करता हूं ,सदियों से पाली जागीर का दान यहाँ मैं करता हूं। बहुत हुआ यह कहर तुम्हारा बहुत हुई मनमानी है खूब लड़ेंगे हम भी क्योंकि हम भी हिंदुस्तानी हैं।। पीठ के पीछे बातें करके मुख पर तुम हंस लेते हो। झूठ बोलकर अपने ही दिल को क्यों धोखा देते हो।। क्यों तुम हिंदुस्तान की रक्षा का झूठा प्रण लेते हो । एक ही पल में ब्रेकअप दूजी से पैचअप कर लेते हो।। माथे पर तुम तिलक लगाकर राम भक्त हो जाते हो। मस्तक पर चंदन मलकर ढोंगी पंडित हो जाते हो।। पैर को छूना प्रथा बनाकर अत्याचार बढ़ाते हो। आडंबर का साथ निभाकर खुद को श्रेष्ठ बताते हो।। तुम कहते गुजराती हूं मैं और मैं राजस्थानी हूं। क्यों ना कहते देशभक्त हूं और मैं हिंदुस्तानी हूँ।। आँखें मेरी गलत देखकर सहन नहीं कर पाती है । एक ही पल में तीव्र गति से अंगारा बन जाती है।। निंदा मेरी कितनी कर लो पीछे नही हटूंगा मैं ,बात समझ लो एक बार में फिर से नहीं कहूंगा।। मैं नजऱ लग गयी देश को शायद आज राहतें चंद नहीं,कलह द्वेष ही फैला जग में कही भी तो आनंद नहीं।। देश में बेरोजगार युवा है दर-दर ठोकर खाते है , जानवरो का राजयोग है कुत्ते कार में जाते हैं।। अभिलाषा ये मेरी है इंसानो का भी ध्यान रखो, मिल- जुलकर सब साथ रहो, भारत मां का गुणगान करो।।
    .

    Similar Post You May Like