Breaking News

गांधी जयंती से अस्पताल अव्यवस्थाओं के खिलाफ भूख हडताल करेंगे कांग्रेस नेता गेहलोत

reporter 2018-10-01 387
  • share on whatsapp Buffer
  • kissaago
    • आशीष गेहलात,कांग्रेस नेता

    सीहोर। आला अधिकारियों के निरीक्षण और कलेक्टर की फटकार के बावजूद भी जिला अस्पताल का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों को सीहोर जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिलता। खामियों के खिलाफ अनेकों बार आवाज उठाने के बावजूद भी हालात जस के तस रहे। अब इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस नेता आशीष गेहलोत अनशन करने जा रहे हैं। 2 अक्टूबर गांधी के दिन से जिला अस्तपाल में फैली विसंगतियों के खिलाफ गेहलोत भूख हडताल पर बैठेंगे। सोमवार मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेेटी के प्रवक्ता आशीष गेहलोत द्वारा एक पत्रकारवर्ता आयोजित की गई। जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रतनसिंह ठाकुर, वरिष्ठ समाजसेवी ओमदीप, प्रदेश कांग्रेस सचिव जफरलाला, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओम वर्मा, कांग्रेस नेता अक्षत कासठ, कांग्रेस चुनाव अभियान के संभागीय सदस्य सुरेश साबू, युवक जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, कांग्रेस मण्डलम अध्यक्ष मुनब्बर मामु एवं ठाकुर ईश्वरसिंह चौहान महामंत्री भोपाल युवक कांग्रेस उपस्थित रहें ।
    पत्रकारों को संबोधित करते हुयें कांग्रेस प्रवक्ता आशिष गेहलोत ने कहा कि जिला मुख्यालय का ट्रामा सेंटर ड्रामा सेंटर बना हुआ है,जबकि यहां किसी प्रकार की ट्रामा सुविधा उपलब्ध नहीं है, ना ही ट्रामा सेंटर की ओटी आज दिनांक तक प्रारम्भ हो पाई है। बीमार होने की दशा में केवल मेेडिकल वार्ड में भर्ती सुविधा उपलब्ध है, जब की पूर्व में शासन एवं जन सहयोग से स्थापित आई सी यू वार्ड खत्म हो चुका है जिससें गंभीर बीमार मरीजों को भोपाल या प्राईवेट हॉस्पिटल भागना पड़ता है। आपातकालीन सुविधा के नाम पर केवल एक डाक्टर की उपस्थिती पर्याप्त नहीं है। किसी भी गंभीर द्रुघटना की स्थिती में मरीजो को परेंशन होना पड़ता है, जब तक ड्यूटी पर मोजूद डाक्टर गंभीर रूपसें पीडि़त मरीज का ईलाज करते है, तब तक अन्य मरीज अपनी पीड़ा को भुगतते हुयें डाक्टर का इंतजार करने को मजबूर रहते है। आपातकाल में ब्लड की आवश्यकता होने पर उसे ब्लड बैंक के दरवाजे बंद मिलते है, वहीं ब्लड बैंक में कपोनेट सेप्रेशन मशीन ना होने पर कई गंभीर बीमार मरीजों के परिजनों को भोपाल से पैसे देकर ब्लड लाना पड़ रहा है।
    प्रसूति विभाग में भी माता-बहनों का रात्री कालीन सुविधा ड्यूटी पर मौजूद स्त्री रोग चिकित्सक के चिकित्सालय में उपस्थित ना होने के कारण सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। प्रसूता केवल वहा उपस्थित नर्सिगं स्टाफ एवं दाईयों के भरोसे जिंदगी और मोत के बीच झुलती रहेंती है। पूर्व में भी प्रसूताओं की अस्पताल में लापरवाही से हुई मौतो पर भ आज दिनांक तक किसी जिम्मेदार पर कोई कार्यवाही नहंी कि आज भी आयें दिन प्रसूता के परिजनों से प्रसूती के लियें रूपयें मांग ने की शिकायत आती रहती है। डायलेसिस एवं कीमो का कक्ष बंद पड़ा हुआ है, जिससे गंभरी रूप से कैंसर एवं किडनी की बीमारियों से पीडि़त गरीब मरीजों को भी मशीनों का लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसी प्रकार वेंटिलेटर मशीन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

    .

    नेत्र विभाग में आंखों के छोटे-मोटे आपरेशन भी नहीं हो पा रहें ना ही नेत्र चिकित्सक ओ पी डी के समय उपलब्ध रहेंते है। जिला चिकित्सालय में पदस्थ अधिकांश नर्सिग स्टाफ एवं डाक्टर सीहोर निवास ना करते हुयें भोपाल निवासरत है। जिसका खामियाजा आपातकालीन आने वाले मरीजो को उठाना पड़ता है, हद तो तब हो जाती है जब कई बार टॉलेट में पानी की व्यवस्था भी नहीं होती है। ऐसी स्थिती में मरीजों व उनके परिजनों को पानी तक के लियें भटना पड़ता है। भर्ती मरीज के परिजनों द्वारा विरोध दर्ज कराने एवं ईलाज करने का कहना भी कभी कभी बहुत भारी हो जाता है जबकी स्टाफ द्वारा मरीजो के परिजनों की रिपोर्ट दर्ज कर दी जाती है। यह प्रतिदिन आने वाले मरीजों को सुविधा के नाम पर मात्र पर्चा लेकर दरदर भटकना पड़ता है, क्योकि यह पर लाखों रूप

    Similar Post You May Like