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टारगेट वसूली न होने पर काटा वेतन, बिजली कर्मचारी बोले अन्याय है, सौंपा ज्ञापन

reporter 2020-06-08 201
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  • kissaago
    • ज्ञापन सौंपते बिजली कर्मचारी।

    सीहोर। कोरोना महामारी से पूरा देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इन हालातों में भी विद्युत बिल वसूली को लेकर विभाग कर्मचारियों पर दबाव बना रहा है। तय बसूली न होने पर अनेकों अधिकारी कर्मचारियों के वेतन में कटोती की जा रही है।
    सोमवार को विद्युत कर्मचारियों ने प्रबंध प्रचालक मप्र विद्युत मंडल भोपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी सूचना और नोटिस के उनका वेतन प्रबंधन द्वारा काटा जा रहा है।
    कोरोना महामारी के दौर में लगातार बिजली कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं सरकार ने उन्हें कोरोना योद्धाओं का दर्जा दिया है बडे ही दुख की बात है कि कंपनी प्रबंधन अपने कर्मचारियों के उत्साहवर्धन करने की जगह उनकी आजिविका का साधन वेतन काट रही है जो न्यायोचित नहीं है।
    कर्मचारी सजीवन यादव ने बताया कि जिले में करीब 40 परीक्षण सहायकों का 5 से लेकर 15 दिन का वेतन बिना किसी सूचना के काटा गया है जो नियमित और संविदा कर्मचारी हैं।
    कंपनी प्रबंधन द्वारा बताया जा रहा है कि कृषि पंप अधिक देर तक चलने की लापरवाही के कारण कर्मचारियों का वेतन काटा गया है जबकि कर्मचारी मानते हैं कि कृषि कार्य में पंप निश्चित समयावधि 10 घंटे ही चल रहे हैं। आईएस एसएमएस पोर्टल पर इनपुट एवं इंटरप्शन की समय अधीन प्रविष्टि ना होने पर सीधे तौर पर इन कर्मचारियों का वेतन काटा गया है।
    जबकि यह एप की गडबडी के कारण हुआ है इसमें कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है बिजली कर्मचारी पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं।
    सोमवार को पावर इंजीनियर्स एण्ड एम्पलोइज एसोशिएसन के सदस्यों ने उप महाप्रबंधक मप्र विद्युत मंडल सीहोर एके गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर इस घटना की निदंा करते हुए विरोध जताया।

    बकाया राशि बसूलने के लिए मिले 4 माह का समय
    कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना काल में बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं को निवार्ध विद्युत प्रदाय सुनिश्चित कर रहे हैं लेकिन लाक डाउन के चलते उद्योग व्यवसाय बंद रहे, किसान छोटे उपभोक्ताओं को भी आर्थिक परेसानी रही। कर्मचारियों को विद्युत प्रदाय करने के लिए निर्देशित किया गया था ऐसे में बकाया राशि बसूलने की बात को लेकर कर्मचारियों का वेतन काटा जाना उनके साथ अन्याय है। मांग है कि बकाया राशि बसूली के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को 3 से 4 माह का समय दिया जाना चाहिए। ताकि कार्ययोजना बनाकर राशि बसूल की जा सके।

    एसोशिएशन ने मांग रखी है कि सभी कर्मचारियों का वेतन वापस किया जाना चाहिए, अन्यथा संगठन समस्य वैधानिक आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से विकास तिवारी,

    सजीवन विश्वकर्मा, अजयपाल , रामनाथ मरावी, अर्जुन सिंह, आशीष, अर्जुन वर्मा, गजेन्द्र पटले, अजय सोनवाले, सुनील, राकेश शामिल रहे। .

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