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लाक डाउन में कैमरे का शटर लॉक, दुकान किराया और किश्त को मोहताज फोटोग्राफर

reporter 2020-06-09 191
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  • kissaago
    • कलेक्टे्रट कार्यालय में फोटोग्राफर।

    सीहोर। अपने कैमरे के क्लिक से दूसरों की जिंदगियों के पल को यादगार बनाने वाले फोटोग्राफर इस लॉक डाउन में लॉक हो गए हैं। शादी-व्याह और पार्टियों को खूबसूरत लम्हों में बदलने वाले फोटोग्राफरों का जीवन अब बेरंग हो गया है। कोरोना महामारी में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉक डाउन में फोटोग्राफरों को भारी नुकसान हुआ।
    अप्रैल, मई और जून शादियों का सीजन होता है जब फोटोग्राफर को एक पल की भी फुर्सत नहीं मिलती थी लेकिन मार्च माह में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉक डाउन के कारण अधिकांश शादियां स्थगित या फिर रद्द कर दी गई। जिसके चलते फोटोग्राफर को बडा नुकसान झेलना पड़ा।
    फोटोग्राफर फिरोज बेग बताते हैं कि शादी के सीजन को देखते हुए मार्च माह के शुरू होते ही उन्होंने 2 लाख 60 हजार रूपए के कैमरे फायनेंस कराए थे।
    लेकिन 25 मार्च को अचानक लॉक डाउन लगा दिया गया और अधिकांश शादियां स्थगित हो गई और सारे आर्डर रद्द हो गए, बहुत नुकसान हुआ।
    एक सीजन में करीब 20 शादियों का आर्डर मिल जाता था, आजकल प्रीवेडिंग का चलन है तो वेडिंग फोटोग्राफर को अच्छा खासा काम मिल जाता था। लेकिन पूरा सीजन खाली चला गया, जून माह में भी फुर्सत नहीं मिलती थी लेकिन अभी फोटोग्राफर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। फायनेंस कंपनी किश्त जमा करने के लिए बार बार दबाव बना रही है दूसरों से कर्ज लेकर किश्त जमा करता हूं।

    लाखों का नुकसान, सरकार से कोई मद्द नहीं
    लक्की फोटो स्टूडिया के संचालक

    मुकेश राठौर कहते हैं कि कोरोना महामारी ने फोटोग्राफर का पूरा धंधा चौपट करके रख दिया है। शादी सीजन में अमूमन एक स्टूडिया वाला अप्रैल, मई और जून माह में 3 से 4 लाख रूपए कमा लेता था
    जिससे पूरे साल का खर्चा चलता
    रहता था।
    एक स्टूडिया पर करीब 5 से 6 लकडे काम करते हैं जिनको वेडिंग सीजन में काम मिलता था लेकिन इस बार सीजन पूरा खाली गया अब हम लडकों को कुछ नहीं
    दे पा रहे हैं। हालात इस कदर खराब हैं कि स्टूडियो किराया चुकाने तक के पैसे नहीं हैं। कई फोटोग्राफरों ने दो से तीन माह का किराया तक नहीं दिया है।
    मुकेश बताते हैं कि 22 मार्च को उन्होंने एक लाख रूपए का कैमरा फायनेंस कराया था अब इन हालातों में किश्त नहीं चुका पा रहे हैं। पहले शादी, पार्टी, जन्मदिन, राजनीतिक, धार्मिक कथा भागवत, सरकारी बेकेंसी, और शिक्षण सत्र शुरू होने पर पासपोर्ट फोटो के लिए भीड लगती थी लेकिन अब फोटोग्राफर खाली बैठे हैं।
    सीहोर फोटो एवं वीडियोग्राफर एसोशिएशन ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम एक ज्ञापन देकर आर्थिक सहायता की मांग उठाई है। मुकेश ने बताया कि इस समय फोटोग्राफरों की माली हालत खराब है रोजी-रोटी का संकट गहराया है और अब कई लोग यह प्रोफेशन बदलने को मजबूर हैं।
    कैमरा किश्त और दुकानों का किराया भी नहीं निकल रहा है। सरकार द्वारा भी कोई मद्द नहीं मिल रही है। कई बैंकों में लोन के लिए प्रयास किया लेकिन मना कर दिया गया।
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