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इंडिया-चाइना विवाद पर बोले दिग्विजय भारत के सैनिकों को निहत्था क्यो भेजा गया

reporter 2020-06-18 73
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  • kissaago
    • कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह।

    सीहोर। देश के और विश्व के इतिहास में पहली बार सैनिकों को निहत्थे भेजा गया। जहाँ उनके साथ तलवारों, भालों और लोहे की राडो से मारपीट की गई। तारों से उनको लपेटकर भेजा गया, वहाँ उनके साथ यह घटना हुई है। लेकिन इस बात की भी जांच होना चाहिए, हमारे भारत के सैनिकों को निहत्था भेजना का क्या कारण है।

    मुझे इस बात का दुख है कि प्रधानमंत्री ने आज तक इस बारे में कोई बात नही की। यह बात पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह ने सीहोर में प्रेस से चर्चा के दौरान कही।

    गुरुवार को कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह सीहोर प्रवास पर थे जहाँ उन्होंने कांग्रेस कार्यालय पहुचकर कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने चिटफंड कंपनी साई प्रसाद के खिलाफ एक ज्ञापन सौपा। एसपी शशिन्द्र चौहान को ज्ञापन सौपकर गिरफ्तारी की मांग रखी।
    इसके बाद प्रसिद्ध चिन्तामन गणेश मंदिर के दर्शन किये।


    इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम शिवराज सिंह चोहान के वीडियो एडिटिंग मामले में श्री सिंह ने कहा कि भाजपा मुझसे दुखी रहती है जिसका कारण यह है कि में उनसे दबता नही हूँ। उनका एक जो चरित्र है धौंस धपट और इस प्रकार देख लेंगे, निपटा देंगे मेँ इनसे डरता नही हूँ।

    मै पिछले 40 सालों से इनके खिलाफ लड़ाई लड़ रहा हूँ, मेंने अपने आदर्शों के साथ समझौता नही किया और मुझे कभी भी यह भ्र्ष्टाचार के किसी भी मामला में दबा नही पाए। स्वभाविक है जो निडर रहता है उससे दुश्मन डरता ही है।

    कहा कि विदेश नीति असफल रही है क्यो कि 4 बार मोदी मुख्यमंत्री के रूप में ओर 5 बार प्रधानमंत्री के रूप में चीन गए और उसका हश्र ये रहा कि 55 साल बाद पहली बार हमारे एलएसी उसपे इस प्रकार की घटना हुई है कि हमारे 20 सेनिक मारे गए। ये गंभीर विषय है इस पर हम सब को गंभीरता से सोचना चाहिए कि हमारी विदेश नीति सही थी कि नही थी।
    पाकिस्तान से हमारा विवाद है ही अफगानिस्तान जहाँ तक कि नेपाल ने कानून पास कर दिया हमारे भारत की जमीन को अपने नक्शे में शामिल कर लिया और कानून बना लिया।

    बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ भी हमारे सम्बंध अच्छे नही है, जब सारे पड़ोसी ओर चीन के साथ हमारे सम्बंध बिगड़ गए है। जबकि अटल जी कहते थे हमको पड़ोसियों से सम्बंध अच्छे रखना चाहिए क्यो हमे हमारे पड़ोसी चुनने का अधिकार नही है। इसी परिस्थिति में 6 साल में मोदी की विदेश नीति असफल रही है। आज भारत अकेला पड़ गया है कही ट्रम्प आंखे देखा देते है तो कभी चीन के लोग दिखा देते हैं यह नीति पूरी तरह असफल रही है। .

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