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वन भूमि पर अतिक्रमण कर रहे ट्रेक्टर पर नही हुई राजसात की कार्यवाही, वन एवं वन्य प्राणी संघ ने सीसीएफ को सौपा ज्ञापन

reporter 2020-06-19 615
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  • kissaago
    • जप्त ट्रेक्टर।

    सीहोर। वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते वन भूमि पर माफिया अतिक्रमण कर रहे हैं। ऐसे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जब कर्मचारी कार्यवाही करते हैं तो जिम्मेदार अफसर बाधा डाल रहे हैं। ऐसे ही एक प्रकरण में कर्मचारियों ने अपने विभाग के अफसरों गंभीर आरोप लगाते हुए अफसरों की कारगुजारियों की शिकायत आला अफसरों से की है।

    वन एवं वन्य प्राणी संघ सीहोर ने गुरुवार को सीसीएफ को कार्यवाही को लेकर ज्ञापन सौपा। सदस्यों ने बताया कि दिनांक 15 अप्रैल 2020 को ग्राम बीट धबोटी वन परिक्षेत्र सीहोर के अन्तर्गत वन अमले द्वारा अपनी जान की बाजी लगाकर रात्रि के समय में अतिक्रमण करते हुए एक ट्रेक्टर प्लाऊ सहित जप्त किया था। उक्त ट्रेक्टर होने के पश्चात राजनीति तेज हो गई और वन मण्डल अधिकारी से लेकर वन रक्षक तक भंति-भांति की धमकिया मिलने लगी और ट्रेक्टर छोडऩे को लेकर दबाव बनाया गया। अधिकारियों ने दबाव में आकर आनन-फानन में एक माह में ही ट्रेक्टर को राज्यसात से मुक्त कर दिया। उक्त वन मण्डल अधिकारी सीहोर द्वारा दिनांक 20 मई 2020 को एक आदेश जारी कर ट्रेक्टर राजसाद से मुक्त कर दिया गया है। जान की बाजी लगाकर लगाकर जिन वन रक्षकों ने ट्रेक्टर पकड़ा था।

    वरिष्ठ अधिकारियों ने उसी को लापरवाह बताकर ट्रेक्टर को छोडऩे के आदेश जारी कर दिये गये। आज दिनांक तक 28 दिन की अवधी पूर्ण हो जाने के पश्चात भी मुख्य वनसंरक्षक को अपील नही की गई। इससे स्पष्ट होता है कि वन विभाग के अधिकारी अपीली प्रकिया का पालन भी नही कर रहे हैं और ट्रेक्टर छोडऩे का पूरी तरह मन बना चुके हैं, ऐसे में वन कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विभाग की इस उदासीन और दबाव में कार्य करने की प्रणाली को लेकर मध्यप्रदेश वन्य एवं वन प्राणी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष बुद्धराज भागवत एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष कमलेश दोहरे ने एक ज्ञापन सौंपकर सम्बंधित प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। .

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