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लापता 144 किशोरियों को पुलिस ने तलाश कर किया माता-पिता के सुपुर्द

reporter 2020-06-26 247
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  • kissaago

    सीहोर। बीते डेढ साल सीएम राजधानी के नजदीकी जिला सीहोर में करीब 205 किशोरी लापता हुई जबकि इस दौरान 57 किशोर गुम दर्ज किए गए है। इन लापता किशोर और किशोरियों की तलाश में सीहोर पुलिस को बडी सफलता मिली है।
    पुलिस अधीक्षक सीहोर एसएस चौहान के मार्गदर्शन अभियान चलाकर पुलिस ने अन्य राज्य व जिलों से करीब 196 गुमशुदा नाबालिगों को तलाशकर उनकी माता पिता के सुपुर्द किया है।
    डेढ़ साल में जिले के 17 पुलिस थाना क्षेत्र से फरवरी से मई तक 262 नाबालिग घरों से गायब हुए, इन गुमशुदा किशोर-किशोरी में से 196 को पुलिस ने खोजकर परिजनों के सुपुर्द किया है, वहीं इन्हें साथ ले जाने के आरोपितों पर अपहरण का मामला दर्ज कर उन्हें जेल तक पहुचाया है। कई मामलों में किशोरियों के बयान के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म के मामले भी दर्ज किए हैं। जबकि 66 नाबालिग अभी भी गुमशुदा हैं, जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1 फरवरी 2019 से 31 मई 2020 तक जिले के 17 पुलिस थाना में 15 माह में गुमशुदा हुए 57 बालक और 205 बालिकाओं के गुमशुदी व अपहरण के मामले दर्ज किए गए, जिनकी एसपी एसएस चौहान के निर्देशन में विशेष अभियान चलाकर पुलिस तलाश किया। इस दौरान जिले में 262 नाबालिक में से 52 बालक और 144 बालिकाओं को अन्य प्रदेश सहित राज्यों से तलाश किया। जबकि 5 बालक व 61 बालिकाएं


    अभी भी पुलिस तलाश कर रही है।

    पुलिस के अनुसार पिछले 15 माह में गुमशुदा नाबालिग में से सबसे अधिक गुजरात में मिले हैं। क्योंकि यहां प्रदेश से अधिकतर लोग जाकर रोजगार से भी लग जाते हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली, मुबंई, पुणे सहित प्रदेश के इंदौर, भोपाल से भी पुलिस को गुमशुदा किशोर-किशोरी को लाई है। पुलिस के अनुसार किशोर जहां परिजनों के डाटने, परीक्षा में फेल होने, घर से झगडा कर तो वहीं किशोरियों को बहला फुसलाकर ले जाने के मामले प्रकाश में आएं हैं। यही कारण है कि किशोरियों के बयान के आधार पर ऐसे लोगों पर दुष्कर्म सहित अपहरण के मामले दर्ज किए गए हैं।
    एसपी एसएस चौहान ने बताया कि गुमशुदा नाबालिगों की तलाश के लिए संबंधित थाना के तहत चार लोगों की टीम बनाकर सर्चिंग की जाती है, जिसमें एसडीओपी, टीआई, प्रधान आरक्षक और सायबर से एक कर्मचारी शामिल होता है। जो गुमशुदा को मोबाइल लोकेशन व मुखबिर की सूचना के आधार पर तलाशते हैं। बताया कि माता पिता को सुपुर्द करने के बाद भी पुलिस ऐसे परिवारों से संपर्क बनाए रखती है और समय-समय पर काउंसलिंग करती रहती है।

    किस थाने में कितने गुमशुदा
    कोतवाली में 39 में से 28 खोजे, मंडी थाने में 18 में से 17, दोराहा में 5 में से 5, श्यामपुर में 4 में से 2, अहमदपुर में 4 में से 4, बिलकीसगंज में 10 में 10, आष्टा में 29 में से 22, जावर में 8 में से 7, सिद्दीकगंज में 13 में से 11, इछावर में 24 में से 16, नसरुल्लागंज में 23 में से 11, बुधनी में 33 में से 25, रेहटी में 22 में से 18, शाहगंज में 10 में से 8, गोपालपुर में 7 में से 3, पार्वती में 13 में से 9 गुमशुदा नाबालिकों किशोर-किशोरी को पुलिस ने तलाश किया है। एसपी एसएस चौहान ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया था, जिसमें निरंतर गुमशुदा के लिए टीम सर्चिंग में लगी रहती है। खोजकर लाए गए

    नाबालिक व उनके परिजनों की लगातार काउंसलिंग कर उचित मार्गदर्शन दिया जाता है। जल्द ही बचे हुए शेष नाबालिकों को भी खोजकर घर पहुंचाया जाएगा।



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