Breaking News

लाक डाउन में गई मजदूरी अब माइक्रो फाइनेंस, निजी बैंक किश्तों के बना रहे दबाव

reporter 2020-09-29 33
  • share on whatsapp Buffer
  • kissaago
    • बैंक कर्मचारियों से परेसान मजदूर परिवार।

    सीहोर। देश धीरे धीरे अनलाक की और बढ रहा है लेकिन कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन से लोग उभर नहीं पा

    रहे हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे गरीब मजदूर परिवारों के लिए माइक्रो फाईनेंस कंपनियां और निजी बैंक कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। मंगलवार को बडी संख्या में आष्टा के ग्राम भंवरा के मजदूर परिवारों ने निजी बैंक और माइक्रोफाईनेंस कंपनियों के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिनका कहना था कि
    लंबे समय से हम लोग बेरोजगार बैठे हैं बडी मुश्किल से परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं जिससे कारण समूज लोन किश्त चुकाने में अक्षम हैं लेकिन कंपनी के कर्मचारी महिलाओं को आए दिन घर आकर धमकी देते हैं और घरों का सामान उठा ले जाने की बात कहते हैं।

    निजी फाइनेंस समूह लोन कंपनियों के चक्रव्यू में फंसे आष्टा तहसील के ग्राम भवंरा के मजदूर परिवारों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट निजी बैंकों और माईको फाईनेंस कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
    डिप्टी कलेक्टर विष्णू प्रसाद यादव को दिए शिकायती पत्र में ग्राम भंवरा के ग्रामीण मजदूरों ने बताया कि सरकारी बैंकों के द्वारा ऋण नहीं दिया जाता है जिस कारण निजी समूह बैंकों से सप्ताहिक और मासिक किश्तों पर दस से पचास हजार तक का ऋण लिया है। उक्त कंपनियों को लगातार किश्तें भी अदा की है लेकिन लॉक डाउन के कारण काम धंधे खत्म हो चुके है बेरोजगारी के कारण परिजनों को खाना भी बड़ी मुश्किल से उपलब्ध करा पा रहे है एैसे हालातों में कर्जा चुकाना मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने कहाकी सरकार जिस तरह से किसानों का कर्जा माफ करती है वैसे हीं मजदूरों का भी माफ कर दिया जाए या फिर हमें एक साल तक का समय निजी कंपनियों का कर्जा चुकाने के लिए दिलाया जाए कंपनियों के द्वारा की जा रहीं कार्रवाहीं को रोकने के आदेश जारी किए जाए। ज्ञापन देने वालों में शांती बाई, ममता बाई, इमरत बाई, अनिता बाई, धापू बाई, हेमलता बाई, शकिना बीं, हबब बी, राजू बाई, रेखा बाई, किरण बाई, सुमन बाई आदि शामिल है।
    .

    Similar Post You May Like