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अचानक मेटरनिटी यूनिट पहुंचे कमिश्नर कियावत प्रसूताओं के रेफर पर लताड़ा

reporter 2021-01-02 430
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  • kissaago
    • अस्पताल का निरीक्षण करते कमिश्नर कियावत।

    सीहोर। शनिवार को संभाग कमिश्नर कवीन्द्र कियावत ने जिला चिकित्सालय स्थित मातृ एवम शिशु गहन चिकित्सा यूनिट का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्रसूताओं को सीहोर से भोपाल सुल्तानिया अस्पताल रेफर किये जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदारों को जमकर लताड़ लगाई और कहा सामान्य स्थिति में रेफर केस बर्दाश्त नही किया जाएगा, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी।

    कलेक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग की बैठक के दौरान कहा कि सभी बीएमओ ओपीडी का डाटा डेली चेक करें। यह बीएमओ की जिम्मेदारी होगी छोटी-मोटी बीमारियों के केस जिला चिकित्सालय अथवा सीएचसी पर रेफर नहीं होना चाहिए कमिश्नर द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी सीएचओ को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए और कुपोषण से मुक्त करने के लिए प्रशिक्षण 1 सप्ताह के लिए दिए जाने के निर्देश दिए गए। सामान्य स्थिति में रेफर बर्दाश्त नही किया जायेगा।

    उल्लेखनीय है कि कमिश्नर के बार बार निरीक्षण और सख्त निर्देश के बाद भी जिला अस्पताल से प्रसूताओं के रेफर केस कम नही हो रहे हैं, जिसको लेकर सीएम हेल्पलाइन में बड़ी संख्या में शिकायत दर्ज की जा रही हैं।

    कमिश्नर कियावत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सभी बीएमओ सीएससी का डेटा रोजाना चेक करें।
    सीएचसी से जिला चिकित्सालय पर अनावश्यक रेफर किए जाने वाले केस को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। समस्त बीएमओ तथा सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि जो प्रसव सामान्य रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय में हो सकते हैं उन्हें ऊपरी संस्थाओ में रेफर किया जाना बर्दास्त नहीं किया जाएगा।


    इस दौरान उन्होंने प्रसव की विस्तार से समीक्षा की। कमिश्नर ने निर्देशित किया गया कि जो केस 108 वाहनों के जरिए भोपाल के लिए रेफर किए जाएंगे संबंधित वाहन चालक की जिम्मेदारी होगी कि वह सुल्तानिया अथवा संबंधित शासकीय अस्पताल अस्पताल से प्रसूता को भर्ती कराकर उसका एडमिशन नंबर सिविल सर्जन जिला चिकत्सालय को प्रस्तुत करें यदि डिलीवरी वाहन चालक द्वारा प्राइवेट नर्सिंग होम में लेजाकर एडमिट की जाती है तो ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

    जिले के समस्त सीएचसी से स्टाफ नर्सेस, एमएसडब्ल्यू तथा अन्य स्टाफ को जिला स्तर पर साइकोलॉजिस्ट और विषय विशेषज्ञ के माध्यम से एक सप्ताह का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
    जिससे वे प्रसूताओं की बेहतर काउंसलिंग कर संबंधित स्वास्थ्य संस्था में प्रसव कराने के लिए बेहतर माहौल बना सकें कमिश्नर ने फायर एग्जिट और एंट्री के लिए तत्काल माक ड्रील करवाने के निर्देश दिए।
    समस्त बीएमओ को निर्देशित किया कि समस्त पीएचसी प्रसव के लिए क्रियाशील होनी चाहिए तथा तथा हेल्थ एंड हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में एनसीडी की सेवाएं अनिवार्य रूप से पदस्थ स्टाफ द्वारा दी जानी चाहिए और इन सेवाओं की निगरानी प्रतिदिन करने के निर्देश संबंधित बीएमओ को दिए। सेवाओ में कमी पाए जाने पर सम्बंधित स्टॉफ के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।

    बैठक में कलेक्टर, जिला पंचायत सीइओ सीहोर हर्ष सिंह, सीएमएचओ सुधीर डेहरिया, बीएमओ धीरेन्द्र आर्य, प्रभारी सिविल सर्जन, एसडीएम आदित्य जैन सीहोर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। .

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