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शिक्षा बचाओ - देश बचाओ जन आंदोलन 18 सूत्रीय मांगो को लेकर सौपा ज्ञापन

reporter 2019-09-06 81
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  • kissaago
    • समान शिक्षा व्यवस्था की मांग पर ज्ञापन देते लोग।

    सीहोर। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर शिक्षा बचाओ देश बचाओ जन आंदोलन की शुरूआत शिक्षक दिवस के दिन हुई। प्रदेश कमलेश दोहरे के नेतृत्व में 18 सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन गुरुवार को सौपा गया। ज्ञापन में शिक्षा की स्थिति को देखते हुये, बंद होते शासकीय स्कुलो को बचाने के लिये  सैकडो लोगो की उपस्थित में ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन में  निम्नलिखित मांगे कुछ इस प्रकार हैं समान्य शिक्षा नीति लागू करो, शासकीय स्कुलो मे शिक्षा का माध्यम कक्षा एक से अंग्रेजी हो, शासकीय विद्यालयों में छात्र संख्या कम होना चिंता जनक है संख्या बड़ाने के लिये विशेष प्रयास किये जाये। शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगे। आंगनबाड़ी केन्द्रो में स्वास्थ्य पोषण के अतिरिक्त निजी विद्यालयो की तरह नर्सरी व केजी वन केजी टू का पठाक्रम पढ़ाया जाए उसी अनुरूप क्रियान्वयन हो, शासकीय शिक्षको को शैक्षिण कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य  में न लगाया जायें। शासकीय विद्यालयो का सतत निरीक्षण किया जाये। शासकीय विद्यालय में पढने वाले छात्रो को शासकीय नौकरियो एवं उच्च शिक्षा में प्रवेश में  10 प्रतिशत  वोनस अंक दिये जाये। शासकीय स्कुलो में लाईट, पानी, फर्नीचर, बोर्ड एवं बिल्डिंग की उचित व्यवस्था की जाये। शासकीय स्कुलो में अंग्रेजी माध्यम में अध्यापन करा सकने वाले शिक्षको की भर्ती की जाये, पालक  शिक्षक संघ को प्रभावी बनाया जाये। शासकीय कर्मचारियो, अधिकारियो एवं राजनीति पदो पर पदस्थ समस्त नेताओ के बच्चो को शासकीय स्कुल में प्रवेश अनिर्वाय किया जाये। शासकीय सेवा की शर्तो में दो संतान न होने की शर्त होती है उसी प्रकार यह भी शर्त जोडी जाये की शासकीय सेवको की संताने शासकीय विद्यालय में ही अध्यन करेगी। शासकीय विद्यालय से पांच किलो मीटर की दूरी में  निजी स्कुल  खोलने की मान्यता न दी जाये। शासकीय स्कुल खोलने के लिये  जो नियम जन संख्या के आधार पर मान्यता दी जाये। समस्त निजी स्कुलो की एक सामान फीस निधारित की जाये। निम्नलिखित मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम वरूण अवस्थी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को  ज्ञापन सौपा गया। साथ में एक मांग पत्र सौपा गया की जिसमें सीहोर तहसील में बंद होने की स्थिति में जो शासकीय स्कुल हे उनको हमे रखरखाब के लिये हमे सौपा जाये। जिससे उन स्कुलो को जन सहयोग से बंद होने से बचाया जा सके। ज्ञापन देने वालो में प्रमुख रूप से कमलेश दोहरे, डी बी  बडोदिया, एच एस निमजे, कमलसिंह मालवीय, ईश्वरसिंह, एन पी नागेश, चांदसिंह मेवाड़ा, सुरेश मालवीय, विजेन्द्र सूर्यवंशी, पवन सूर्यवंशी, विष्णुप्रसाद जलोदिया, एस एल हिंडोलिया, धर्मेन्द्र चौहान, कैलाश पारके,  शुभम कचनेरिया, निर्मल वर्मा, प्रशांत भेरवे, हेमंत दोहरे, उदीप कछवाया, कैलाश सिंगोरिया, सोनू, लाड़सिहं कटारिया, रतन बकोरिया, धनराज थरेले, अरूण बौद्ध, तुफानडाल मियां, धर्मेन्द्र मालवीय, बालकिशन शाक्य, दिलीसिंह मालवीय, राजेन्द्र अस्थाया, रामसिंह मालवीय, दीपेश राठौर, अमित वैद्ध, विजय शर्मा, जितेन्द्र गिंनोरिया, विनोद, अशोक वर्मा, राहुल कामले, सतीश मालवीय आदि शामिल रहे। .

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