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छदम मानसिकता वाला नया इंडिया

reporter 2019-09-26 575
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  • kissaago


    -- मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से बुधवार को बेहद ही हृदय विदारक और सभ्य समाज को क्षुब्ध कर देने वाली घटना सामने आई। पंचायत भवन के सामने शौच करने पर दो मासूम बच्चों को गांव के ही दो दबंग भाइयों ने डंडों से पीट पीट कर मार डाला। इन मासूमों का कसूर बस इतना था कि यह वर्ण व्यवस्था में निचले पायदान और समाज में दलित या फिर अछूत जाती से आते थे। एक और हिन्दू में धर्म बच्चो को भगवान की संज्ञा दी जाती है। छोटी बच्चियों को देवी रूप में पूजा भी जाता है तो वही दूसरे किनारे पर मामूली सी बात पंचायत भवन के सामने शौच करने पर मासूम बच्ची की बर्बरता से हत्या कर देना। यह समाज को लिए बेहद शर्मनाक कर देने वाली घटना है। मासूम मृतक बाल्मीकि समाज के हैं और आरोपियो की जाती यादव है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह भगवान का आदेश था।
    क्या धर्म मासूमों की हत्या का आदेश दे सकता है। बाल्मीकि समाज यानी भंगी जो गटर और इस सभ्य समाज का मैला सदियों से साफ करता आ रहा है । कल्पना करो कि यदि इन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया तो ऊंची जाति का दम्भ भरने वालों के महलों की नींव हिलने लगेगी।

    ऐसा नही की जाती के नाम पर यह पहली घटना है जब किसी की हत्या की गई हो। यह किस्सा पुराना है और आम है। इस देश में जाती का जहर लोगों ने नशों में दौड़ता है और कुछ स्वार्थी, मतलबपरस्त लोग इसकी मात्रा शरीर में कम नही होने देते।
    शोषित, वंचित और हाशिये पर खड़े समाज को मुख्यधारा में लाने आरक्षण दिया गया लेकिन मनुवाद से ग्रसित आरक्षण तो कभी अनुसूचित जाति अधिनियम को विरोध करते है।
    आजकल नया इंडिया का खूब हल्ला है जहां देश के प्रधानमंत्री देश के अंदर और बाहर नए भारत का जमकर तमाशा करते हैं।
    नया भारत कैसा नया भारत जहाँ जातिवादी दानव मासूमों को धर्म के नाम पर निगलने बेठे हैं। गाय के नाम पर बहुसंख्यक समाज की भीड़ अल्पसंख्यको की हत्या करते हैं।
    जहाँ दलित पोलिटिकल टूल है जिन्हें चुनाव के समय हिंदू ओर उसके बाद दलित बोलकर जातिगत प्रताड़ना का शिकार होना पड़ना है।
    आज जब देश चाँद पर पहुँच गया है तो ऐसी घटनाएं शर्मिदंगी से भर देती हैं और सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या यही है नया भारत????
    बाकलम क़िस्सागो.

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